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Psalms 15
Psalms 15
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1
हे यहोवा, तोहरे तम्बू मँ कउन समइ बिताई सकत ह? कउन व्यक्ति तोहरे पवित्तर पर्वते पइ रहि सकत ह?
2
सिरिफ उहइ मनई जउन खरी जिन्नगी जिअत ह, अउर जउन उत्तिम करमन क करत ह, अउर जउन हिरदइ स फुरइ बोलत ह। उहइ तोहरे पर्वते पइ रह सकत ह।
3
अइसा मनई अउरन क बारे मँ कबहुँ बुरा नाहीं बोलत ह। उ आपन घराने क बुराई नाहीं करत ह।
4
उ ओन मनइयन क इज्जत नाहीं करत जउन परमेस्सर स घिना राखत हीं। अउर उ ओन सबहिं क सम्मान करत ह, जउन यहोवा क सेवक अहइँ। अइसा मनई अगर कउनो वचन देत ह तउ उ उ वचन क पूरा भी करत ह, जउन उ दिहे रहा।
5
उ मनई अगर कउनो क धन उधार देत ह तउ ओह पइ ब्याज नाहीं लेत। उ मनई कउनो निरपराध मनई क नस्कान पहोंचावइ बरे घूस नाहीं लेत। अगर कउनो मनई उ खरा मनई क तरह जिन्नगी जिअत ह तउ उ मनई कबहुँ भी ठोकर नाहीं खाइहीं।
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