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Psalms 14
Psalms 14
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1
मूरख आपन मने मँ कहत बाटइँ, “परमेस्सर नाहीं अहइ।” मूरख लोग तउ अइसे कारज करत हीं जउन भ्रस्ट अउ घिन स भरा होत हीं। ओनमाँ स कउनो भी भला काम नाहीं करत ह।
2
यहोवा अकासे स मनइयन क लखत ह, कि कउनो बुद्धिमान मनई ओका मिलि जाइ। बुद्धिमान मनई परमेस्सर कइँती मदद पावइ बरे मुड़ि जात ह।
3
मुला परमेस्सर स मुड़िके सबहिं दूर होइ ग अहइँ। आपुस मँ मिलिके सबहिं लोग पापी होइ ग अहइँ। कउनो भी मनई नीक काम नाहीं करत अहइ।
4
मोरे मनइयन क दुष्ट लोग नस्ट कइ दिहन। उ सबइ दुर्जन परमेस्सर क नाहीं जनतेन। दुस्टन क लगे खाइ बरे भरपूर भोजन बाटइ। इ सबइ लोग यहोवा क उपासना तलक भी नाहीं करतेन।
5
इ सबइ दुस्ट मनई निर्धन क राय सुनइ नाहीं चाहतेन। अइसा काहे अहइ? काहेकि दीन लोग तउ परमेस्सर पइ निर्भर अहइँ। मुला दुट्ठ लोगन पइ भय छाइ गवा अहइ। काहेकि परमेस्सर खरे लोगन क संग अहइ।
7
सिय्योन पइ कउन जउन इस्राएल क बचावत ह? उ तउ यहोवा अहइ, जउन इस्राएल क रच्छा करत ह! यहोवा क मनइयन क दूर लइ गवा जवा अउर ओनका दबाव डाइके बन्दी बनावा गवा। मुला यहोवा आपन मनइयन क वापिस छुड़ाइ लिआइ। तब याकूब बहोतइ खुस होइ।
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