Psalms 53:4 — Compare Translations

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TranslationText
awadhi परमेस्सर कहत ह, “निहचय ही उ सबइ दुट्ठ लोग सत्य क जानत हीं। उ सबइ दुट्ठ लोग मोरे मनवइयन क अइसे बरबाद करइ क तइयार अहइँ, जइसे उ सबइ निज खइया क खाइ क तइयार रहत हीं”