Psalms 27:2 — Compare Translations
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| Translation | Text |
|---|---|
| awadhi | होइ सकत ह, दुट्ठ जन मोहे पइ चढ़ाई करइँ। होइ सकत ह, उ पचे मोरे सरीर क नस्ट करइ क जतन करइँ। होइ सकत ह मोर सत्रु मोका नस्ट करइ क मोह पइ आक्रमण क जतन करइँ। |
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| awadhi | होइ सकत ह, दुट्ठ जन मोहे पइ चढ़ाई करइँ। होइ सकत ह, उ पचे मोरे सरीर क नस्ट करइ क जतन करइँ। होइ सकत ह मोर सत्रु मोका नस्ट करइ क मोह पइ आक्रमण क जतन करइँ। |