Psalms 10:7 — Compare Translations
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| Translation | Text |
|---|---|
| awadhi | अइसेन दुट्ठ क मुँह सदा साप देत रहत ह। उ पचे दूसर जन क निन्दा करत हीं अउर काम मँ लिआवइ क सदा ही बुरी बुरी जोजना रचत रहत हीं। |
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| awadhi | अइसेन दुट्ठ क मुँह सदा साप देत रहत ह। उ पचे दूसर जन क निन्दा करत हीं अउर काम मँ लिआवइ क सदा ही बुरी बुरी जोजना रचत रहत हीं। |