Psalms 10:5 — Compare Translations
1 translations compared side by side
| Translation | Text |
|---|---|
| awadhi | दुट्ठ जन सदा कुटिल करम करत हीं। उ पचे परमेस्सर क विवेक स पूरी व्यवस्था अउ सिच्छन पइ धियान नाहीं देतेन। हे परमेस्सर, तोहार सबहिं दुस्मन तोहरे उपदेसन क उपेच्छा करत हीं। |