Psalms 1:3 — Compare Translations
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| Translation | Text |
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| awadhi | एहसे उ मनई उ बृच्छ जइसा मजबूत बनत ह जेका सिंचाई क नहर क किनारे रोपा गवा ह। उ उ बृच्छ क नाई बाटइ, जउन छेत्र मँ फल देत ह अउ जेकर पत्ता कबहुँ नाहीं मुरझातेन। उ जउन भी करत ह सफल ही होत ह। |