Isaiah 57:20 — Compare Translations
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| Translation | Text |
|---|---|
| awadhi | किन्तु दुट्ठ लोग किरोधित सागरे क जइसे होत हीं। उ पचे चुप या सान्त नाहीं रहि सकतेन। उ पचे किरोधित रहत हीं अउर समुद्र क तरह कींचा उछारत रहत हीं। |
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| awadhi | किन्तु दुट्ठ लोग किरोधित सागरे क जइसे होत हीं। उ पचे चुप या सान्त नाहीं रहि सकतेन। उ पचे किरोधित रहत हीं अउर समुद्र क तरह कींचा उछारत रहत हीं। |