bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
awadhi
/
Psalms 95
Psalms 95
awadhi
1
आवा हम यहोवा क गुण गाई। आवा हम पचे उ चट्टान क जय जयकार करी जउन हमार रच्छा करत ह।
2
आवा हम यहोवा क धन्यवाद बरे गीत गाई। आवा हम ओकर बड़कई क गीत आनन्द क संग गाई।
3
काहेकि यहोवा महान परमेस्सर अहइ। उ महान राजा सबहिं दूसर “देवतन” पइ सासन करत ह।
4
गहिर सबइ गुफा अउ ऊँच पहाड़ यहोवा क अहइँ।
5
सागर ओकर बा, उ ओका बनाएस ह। परमेस्सर खुद आपन हाथन स झुरान धरती क बनाएस ह।
6
आवा, हम ओका पइलगी करी अउर ओकर उपासना करी। आवा हम परमेस्सर क गुण गाई जउन हमका बनाएस ह।
7
उ हमार परमेस्सर अउर हम पचन ओकर बगल मँ भेड़ अही। कम स कम जदि तू आजु ओकर आवाज़ क पालन करब्या।
8
यहोवा कहत ह, “तू मोका सुनई स वइसा इनकार जिन करा जइसा मरीबा मँ तोहार पुरखन किहे रहेन, अउ वइसा जिन करा जइसा उ पचे मस्सा मँ रहइ क दिन मँ किहे रहेन।
9
तोहार पुरखन मोका परखे रहेन। उ पचे मोका परखेन, पर तब उ पचे लखेन कि मइँ का कइ सकत हउँ।
10
मइँ ओन लोगन क चालीस बरिस तलक सहन किहे रहेउँ। मइँ इ अच्छी तरह जानत रहेउँ कि उ पीढ़ी इमान्दार नाहीं अहइ। ओन लोगन मोर सिच्छा क नाही सीखेन।
11
तउ मइँ कोहाइ गएउँ अउर मइँ प्रण किहेउँ कि उ पचे मोर भुइँया मँ आइववाले समई मँ प्रवेस नाहीं कइ पइहीं।”
← Chapter 94
Chapter 96 →