bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
awadhi
/
Psalms 85
Psalms 85
awadhi
1
हे यहोवा, तू आपन देस पइ कृपालु भवा। तू विदेस भुइँया मँ स याकूब क सन्तानन वापिस लिआवा।
2
हे यहोवा, तू आपन लोगन क पापन्क छिमा करा। तू ओनकर सबइ पाप मेट द्या। (सेला)
3
हे यहोवा, कोहाइ जाब क तजि द्या। अउर तू आपन गुस्सा क लइ लिहा।
4
परमेस्सर, हमार मुक्तिदाता, कृपा कइके हम पचन पइ कोहाइ जाब तजि द्या अउर हम लोगन क फुन हमार भुइयाँ पइ वापिस लइ आवा।
5
का तू हमेसा हमेसा कोहान रहब्या? का तू सदा आपन कोहान जारी रखब्या?
6
कृपा कइके हमका फुन जिआइ द्या ताकि तोहार लोग तोहसे फुन स खुस होइ सकइँ।
7
हे यहोवा, तू हमका आपन बिस्सासनीय पिरेम देखावा। हमार रच्छा करा।
8
जउन परमेस्सर कहत ह, मइँ ओह पइ कान दिहेउँ। उ अपने लोगन अउर अपने बिस्सासी चेलों से सान्ति क वाचा करत ह उ नाहीं चाहत ह कि उ पचे बेवकूफी क राहे पइ लउटि जाइँ।
9
फुरइ, ओकर उद्धार ओन लोगन क निचके बाटइ जउन ओहसे डेरात ह, एह बरे ओकर महिमा तोहार देस मँ निवास करी।
10
पिरेम अउर सच्चाई एक साथ मिलब। धर्मता अउ सान्ति एक दूसर क चुम्मा क संग स्वागत करिहीं।
11
सच्चाई धरती स अंकुरित होइहीं, अउर धार्मिकता अकासे स बसिर्हीं।
12
यहोवा बहोत स उत्तिम वस्तुअन क देइहीं। अउर हमार धरती प्रचुर मात्रा मँ फसल उपजिहीं।
13
परमेस्सर क अगवा अगवा नेकी चली, अउर उ ओकरे बरे राह बनाई।
← Chapter 84
Chapter 86 →