bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
awadhi
/
Psalms 82
Psalms 82
awadhi
1
परमेस्सर देवन क सभा क बीच निआवाधीस क रूप मँ विराजत ह। सरगदूत क बीच उ निआव करत ह।
2
परमेस्सर कहत ह, “कब तलक तू लोग अनिआव स भरा निआव करब्या? कब तलक तू लोग दुराचारी लोगन क खास सामर्थ दिखावा?
3
“अनाथन अउ कमज़ोर लोगन क रच्छा करा। जेनका संग उचित बेउहार नाहीं कीन्ह गवा ह। अउर दीन लोगन क अधिकारन क रच्छा करा।
4
गरीब अउ बेसहारा लोगन क बचावा। दुस्टन क चंगुल स ओनका बचाइ ल्या।
5
“इस्राएली नाहीं जानते कि का कछू घटत बा एब बरे उ पचे नाहीं समझतेन। उ पचे नाहीं जानतेन कि बदी करने वाला का करत रहेन।”
6
मइँ कहेउँ, “तू देवतन अहा। तू सर्वोच्च परमेस्सर क पूत अहा।
7
फिर भी तू मानव जाति क नाईं मरब्या। तू पचे वइसेन मरब्या जइसे दूसर नेतन मरि जात हीं।”
8
हे परमेस्सर, खड़ा ह्वा! धरती पइ निआव लइ आवा, काहेकि तू सारे ही देसन पइ नियन्त्रन रखत ह।
← Chapter 81
Chapter 83 →