bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
awadhi
/
Psalms 51
Psalms 51
awadhi
1
हे परमेस्सर, आपन बिसाल पिरेम स भरी आपन करुणा स मोह पइ दाया करा। आपन बड़ी दयालुता स मोरे सबहिं पापन क तू मेट द्या।
2
मोर सबइ पापन क धोइ डावा, अउर फुन स मोका स्वच्छ बनाइ द्या।
3
मइँ जानत हउँ, जउन पाप मइँ किहे अहउँ। मइँ आपन पापन क सदा आपन समन्वा लखत हउँ।
4
हे परमेस्सर, मइँ उहइ काम किहेउँ जेनका तू बुरा कह्या। तू उहइ अहा, जेकरे खिलाफ मइँ पाप किहेउँ। मइँ स्वीकार करत हउँ इ सबइ बातन क, ताकि लोग जानि जाइँ कि मइँ पापी हउँ अउर तू निआउ स पूर्ण अहा, अउ तोहार निर्णय निस्पच्छ होत हीं।
5
मोर महतारी मोका दोखी मँ जनमेस, अउर पाप मँ मोर महतारी मोका गर्भ मँ धारण किहस।
6
हे परमेस्सर, तू चाहत अहा, हम बिस्सासी बनी। अउर निर्भय बन जाउँ। एह बरे तू मोका सच्चा विवेक स रहस्यन क सिच्छा द्या।
7
मोह पइ जूफा क पौंधा क प्रयोग करा अउर मोका पापे स स्वच्छ करा। मोका तब तलक धोआ, जब तलक मइँ बर्फ स जियादा उज्जवर न होइ जाउँ।
8
मोका खुस बनाइ द्या। बताइ द्या मोका कि कइसे खुस बनउँ? मोर उ सबइ हड्डियन जउन तू तोड़्या, फिन आनन्द स भरि जाइँ।
9
मोरे पापन्क जिन लखा। ओन सबन्क धोइ डावा।
10
हे परमेस्सर, मोहेमाँ एक ठु नवा, सुद्ध हिरदइ बनावा। मोरी आतिमा क फुन सुदृढ़ कइ द्या।
11
मोका आपन समन्वा स जिन दूर हटावा, तोहार पवित्तर आतिमा क मोहसे जिन छोर ल्या।
12
उ उल्लास जउन तोहसे आव्त ह, मोहमाँ भरि जाइ। मोरे चित्त क अडिग अउ तइयार करा सुरच्छित होइ बरे अउर तोहार हुकूम मानइ बरे।
13
मइँ पापियन क तोहार जिन्नगी विधि सिखाउब, जेहसे उ सबइ लउटिके तोहरे लगे आवइँ।
14
हे परमेस्सर, धरती पइ क हर कउनो दोख स मोर रच्छा करा, मोर परमेस्सर, परमेस्सर जउन मोका बचाएस, मोका तोहार सदाचारी क बारे मँ गावइ क अनुमति द्या?
15
हे मोर सुआमी, मोका मोर मुँह खोलइ द्या कि मइँ तोहार बड़कई क गीत गावउँ।
16
जउन बलियन तोहका नाहीं नीक लगतिन तउ मोका चढ़ाउब नाहीं अहइँ। उ सबइ बलियन तोहका बांछित तलक नाहीं अहइँ।
17
हे परमेस्सर, मोर टुटही आतिमा ही तोहरे बरे मोर बलि अहइ। हे परमेस्सर, तू एक कुचरा अउ टुटहा हिरदइ स मुँह नाहीं फेरब्या।
18
हे परमेस्सर, सिय्योन बरे दयालु होइके, उत्तिम बना। तू यरूसलेम क सहर क चहरदीवारी क बनावा।
19
तू उत्तिमा बलियन क अउ सम्पूर्ण होमबलियन क आनन्द ल्या। लोग फुन स तोहरी वेदी पइ बर्धन क बलियन द्या।
← Chapter 50
Chapter 52 →