bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
awadhi
/
Psalms 109
Psalms 109
awadhi
1
हे परमेस्सर, जब मइँ तोहरे आगे पराथना करउँ तउ चुप नाहीं रह्या।
2
लोग मोरे बारे मँ बुरी बातन अउ झूठ बोलत ह। उ पचे मोरे बारे मँ उ सबइ कहत अहइँ जउन फुरइ नाहीं बाटइ।
3
लोग मोरे बारे मँ घिना स बोलत अहइँ। उ पचे मोर खिलाफ बिना कारण हमला करत हीं।
4
मइँ ओनका पिरेम किहेउँ, फिर भी उ पचे मोहसे दुस्मनी करत हीं। जद्यपि मइँ पराथना मँ वफ़ादार हउँ।
5
मइँ ओन मनइयन क संग भला किहे रहेउँ। मुला उ पचे मोरे बरे बुरा करत अहइँ। मइँ ओनसे पिरेम किहेउँ, मुला उ पचे मोसे बइर रखत अहइँ।
6
ओकरे खिलाफ एक ठु दुट्ठ मनई क नियुक्त करा, अउर कउनो दोख लगवइया ओका दोख लगावइ बरे ओकरे बगल मँ खड़ा करा।
7
ओनमाँ दोख पावइ द्या जब उ अदालत मँ निआउ पइहीं, ओकर पराथना क ओकरे पाप क सबूत होइ द्या।
8
मोर दुस्मन क हाली मरि जाइ द्या। ओकरे क जगह कउनो दूसर क लेइ द्या।
9
मोरे दुस्मनन क सन्तानन क अनाथ कइ द्या अउर ओकरी पत्नी क तू राँड़ कइ द्या।
10
ओनका आवारा अउर भिखारी होइ द्या, अउर ओनका आस्रय क खोज तब तलक करइ द्या जब तलक कि ओकर आपन घर बर्बाद न होइ जाइँ।
11
मोरे दुस्मन कर्जदार लोगन क जउन कछू मोर दुस्मन क लगे होइँ लइ जाइ द्या। अजनबियन क ओकर मेहनत क कमाइ क लूटिके जाइ द्या।
12
कउनो मनई क मोरे दुस्मन पइ कउनो दाया न देखाँवइ। अउर ओकरे अनाथ गदेलन पइ कउनो भी मनई दाया नाहीं देखाँवइ।
13
मोर दुस्मन क सन्तानन बर्बाद कइ द्या। आवइवाली पीढ़ी स ओकर नाउँ मिटइ द्या।
14
मोरे दुस्मन क पुरखन क पापन क परमेस्सर सदा ही याद राखइ। ओकरे महतारी क पापन न मेटाइ।
15
यहोवा सदा ही ओन पापन क याद रखी। अउर उ लोगन बरे मोरे दुस्मन क बिसिरइ क कारण होइ।
16
काहेकि दुट्ठ लोगन कउनो भी अच्छा करम कबहुँ नाहीं किहेन अउर उ लोगन क बिना आसा क मउत मँ धकेल दिहा। उ दीन लोगन असहाय लोगन क जिअब कठिन बनाइ दिहा।
17
ओन दुट्ठ लोगन क सरापब भावत रहा। तउ अहइ सराप ओह पइ लउटिके गिर जाइ। उ बुरा मनई असीस कबहुँ नाहीं दिहस कि लोगन बरे कउनो अच्छी बात घटइ। तउ ओकरे संग कउनो भी भली बात मत होइ द्या।
18
सराप ओकरे बरे ओढ़नन क नाईं होइ। सराप ओकरे सरीर मँ पानी क नाईं भरि जाइ। अउर सराप ओकरे हड्डियन मँ चर्बी क नाईं रहइ।
19
उ दुट्ठ मनई बरे सराप क ओढ़ना बनी द्या। सराप क ओकरे बरे हमेसा बरे कमर बन्द बनइ द्या।
20
यहोवा मोहे पइ दोख लगावइवालन क अउर ओन लोगन क जउन मोरे खिलाफ बुरा जोजना बनावत ह क, उ सबइ चिजियन क भुगतान क रूप मँ देइ द्या।
21
किन्तु हे यहोवा, तू मोर सुआमी अहा। तउ मोरे संग अइसा बेउहार करा जेहसे तोहरे नाउँ क जस बाढ़इ। तोहार करुणा महान अहइ, तउ मोर रच्छा करा।
22
काहेकि मइँ बस एक गरीब अउर असहाय व्यक्ति अहउँ। मइँ फुरइ दुःखी अहउँ।
23
मोका अइसा लागत बाटइ जइसे मोर जिन्नगी साँझ क समइ क लम्बी छाया क तरह बीति चुकी बाटइ। मोका अइसा लागत रहा मइँ महसूस करत हउँ कि मइँ किरवा क नाईं हउँ जउन मोका हिराइ दिहेस ह।
24
उपवास क कारण मोर घुटना दुर्बल होइ ग अहइँ। मोर वजन घटत ही जात अहइ, अउर मइँ झुरान जात अहउँ।
25
बुरे लोग मोका अपमानित करत हीं। उ पचे मोका घूरत अउ आपन मूँड़ी मटकावत हीं।
26
यहोवा मोर परमेस्सर, मोका सहारा द्या। आपन बिस्ससनीय पिरेम देखाँवा अउर मोका बचाइ ल्या।
27
फुन उ पचे लोग जान जइहीं कि तू ही मोका बचाया ह। ओनका पता चल जाइ कि उ तोहार सक्ति रही जउन मोका सहारा दिहस।
28
यद्यपि दुट्ठ लोग मोका सराप देत ह, हे यहोवा तू मोका आसीर्बाद दे। यद्यपि उ पचे मोह पइ वार करत हीं, ओनका अपमानित होइ द्या। किन्तु तोहार सेवक क खुस होइ द्या।
29
मोर बिरोधियन क अपमान स ढाँपि लेइ द्या। ओनका लज्जा स घेरी लेइ द्या।
30
मइँ यहोवा क बहोत अधिक धन्यवाद देत हउँ। बहोत लोगन क समन्वा ओकर गुण गावत हँउ।
31
काहेकि यहोवा असहाय लोगन क साथ देत ह। उ ओनका लोगन स बचावत ह, जउन ओन पइ निआव करत ह।
← Chapter 108
Chapter 110 →