bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
awadhi
/
John 13
John 13
awadhi
1
फसह क त्यौहार क पहिले ईसू देखेस कि इ दुनिया क छोड़इ अउर परमपिता क पास जाइ क ओकर समइ आइ गवा अहइ तउ इ दुनिया मँ जउन आपन रहेन अउर जेका उ पिरेम करत रहा, ओनके ऊपर उ बहुत जियादा पिरेम देखॉएस।
2
संझा क खाना खावा जात रहा। सइतान अब तलक समौन क बेटवा यहूदा इस्करियोती क मन मँ इ डाइ चुका रहा कि उ ईसू क धोखे स पकड़वाइ देइ।
3
ईसू इ जानत रहा कि परमपिता सब चीज ओकरे हाथन मँ सौंप दिहे अहइ अउर परमेस्सर स आवा बाटइ, अउर परमेस्सर क पास वापस जात अहइ।
4
इ बरे उ खाना छोड़के ठाढ़ होइ गवा। उ आपन ऊपर क सब कपरा उतार दिहेस अउर एक ठु अँगौछा अपने चारों तरफ लपेट लिहेस।
5
फिन एक ठु घड़ा मँ पानी भरेस अउर अपने चेलन क पाँव धोअइ लाग अउर जउन अँगौछा लपेटे रहा, उहइ स सबकइ पाँव पोंछइ लाग।
6
फिन जब उ समौन पतरस क लगे पहुँचा तउ पतरस ओसे कहेस, “पर्भू, का तू मोरे पाँव धोअइ आवत अहा?”
7
ऍकरे जवाब मँ ईसू कहेस, “अबहीं तू नाहीं जानत अहा कि मइँ का करत अही, बाद मँ तू जान जाब्या।”
8
परतस ओसे कहेस, “तू मोर पाँव कबहूँ नाहीं धोउब्या।” ईसू जवाब दिहेस, “जब तोहार पाँव मइँ न धोउब तउ तू मोरे लगे जगह नाहीं पाइ सकत्या।”
9
समौन पतरस ओसे कहेस, “पर्भू, तू मोर पाँव नाहीं मोर हाथ अउर मुँड़वा क भी धोइ द्या।”
10
ईसू ओसे कहेस, “जे नहाइ चुका अहइ, ओका पैर धोअइ क अलावा अउर कउनो चीज धोअइ क जरूरत नाहीं अहइ। उ तउ पूरी तरह साफ सुथरा होत ह। तू पचे साफ अहा, मुला सब जने नाहीं।”
11
उ ओका जानत रहा जउन ओका धोखा स पकड़वावइ चाहत रहा। इ बरे उ कहे रहा, “तोहरे मँ स सब पवित्तर नाहीं अहइँ।”
12
जब उ सबक पाँव (गोड़) धोइ लिहेस तउ फिन स आपन बाहरी कपड़ा पहिर लिहेस अउ, अपनी जगह प आइके बइठ गवा। अउर ओनसे बोला, “का तोहका मालूम अहइ कि मइँ तोहरे बरे का किहेउँ?
13
तू पचे मोका ‘गुरू’ अउर ‘पर्भू’ कहत ह, अउर ठीक कहत ह, काहेकि मइँ उहइ अही।
14
इ बरे जब मइँ पर्भू अउर गुरू होइके तोहार पचे का पाँव धोवा तउ तोहका सबेन्ह क एक दूसरे क पाँव धोवइ चाही। मइँ तोहरे सामने एक उदाहरण पेस करत अहउँ।
15
तू पचे दूसरे क साथ वइसे करा जइसे मइँ तोहरे साथ करत अही।
16
मइँ तोहका सच्ची बात बतावत अही कि दास मालिक स बड़ा नाहीं होत अउर संदेस देइवाला ओसे बड़ा नाहीं होत जउन ओका भेजेस।
17
जब तू पचे इ बात जानत अहा। अउ ओकर पालन करब्या तउ तू पचे सुखी रहब्या।
18
“मइँ तोहरे सबेन्ह क बारे मँ नाहीं कहत अहउँ। मइँ ओनका जानित ही जेनका मइँ चुने अहउँ। अउर इहउ कि यहूदा बिसवासघाति अहइ मुला मइँ इ बरे चुने अही जइसे कि पवित्तर सास्तर क बचन सही उतरइ, ‘उहइ जउन मोरे साथ रोटी खाएस, मोरे विरोध मँ होइ गवा।’
19
इ सब घट जाइ क पहले मइँ इ बरे बतावत अहउँ जइसे कि जब इ घटित होइ जाइ तउ तू पचे बिसवास करा कि उ मइँ अहउँ।
20
मइँ तोहका सही सही बतावत अहउँ कि उ जउन मोरे भेजा गवा क लइ लेत ह, उ मोका स्वीकार कर लेत ह, अउर जउन मोका स्वीकार कर लेत ह, ओका स्वीकार कर लेत ह, जे मोका भेजेस।”
21
इ कहे क बाद ईसू बहुत घबड़ाइ गवा अउर इ साच्छी दिहेस, “मइँ तोहसे सच्ची बात कहत अहउँ तोहरे मँ स एक ठु मनई धोखा दइके मोका पकड़वाई।”
22
तब ओकर चेलन एक दूसरे क देखइ लागेन। उ पचे इ तय नहीं कइ पावत रहेन कि उ केहिके बारे मँ बतावत अहइ।
23
ओकर एक चेला ईसू क लगे बइठा रहा। ईसू ओका बहुत चाहत रहा।
24
तउ समौन परतस ओका इसारा कइके पूछइ बरे कहेस कि ईसू केकरे बारे मँ बतावत अहइ।
25
ईसू क चहेता चेला ओकरी छाती प झुकके ओसे पूछेस, “पर्भू उ कउन अहइ?”
26
ईसू जवाब दिहेस, “रोटी क टुकड़ा कटोरा मँ बोर के जेका मइँ देब, उहइ उ अहइ।” फिन ईसू रोटी क टुकड़ा कटोरा मँ बोर के ओका उठाइके समौन क बेटवा यहूदा इरूकरियोती क दिहेस।
27
जइसे यहूदा रोटी क टुकड़ा लिहेस ओहमा सइतान समाइ गवा। फिन ईसू ओसे कहेस, “जउन तू करइ जात अहा, ओका जल्दी स कइ ल्या!”
28
मुला हुवाँ बइठे लोगन मँ स केहू नाहीं समझ पाएस कि ईसू ओसे अइसी बात काहे करत अहइ।
29
कछू सोचेन कि रूपियन क थैली यहूदा क लगे रहत ह, इ बरे ईसू ओसे कहत अहइ कि त्यौहार क बरे जरूरी सामान खरीद ल्या या इ कहत अहइ कि गरीबन क कछू दइ द्या।
30
इ बरे यहूदा रोटी क टुकड़ा लइ लिहेस अउर तुरन्त चला गवा। इ रात क समइ रहा।
31
ओकरे चला जाइ क बाद ईसू कहेस, “मनई क पूत अब महिमावान भवा अहइ। अउर ओसे परमेस्सर क महिमा भइ अहइ।
32
जदि ओसे परमेस्सर क महिमा भइ अहइ तउ परमेस्सर खुदइ स ओका महिमावान बनाई। अउर उ ओका जल्दी महिमा देइ।
33
“ऐ मोर चहेता बच्चो! मइँ तनिक देर अउर तोहरे साथ अहउँ। तू पचे मोका ढूँढ़िब्या अउर जइसे कि मइँ यहूदियन स कहे अहउँ, तू सबेन्ह हुवाँ नाहीं जाइ सकत्या, जहाँ मइँ जात अहउँ, वइसे मइँ तोहसे अब कहत अहउँ।
34
“मइँ तोहका सबेन्ह क एक नवा आदेस देत अहउँ कि तू सबेन्ह एक दूसरे स पिरेम करा। जइसे मइँ तोहसे सबेन्ह स पिरेम करेउँ ह, वइसे तू पचे एक दूसरे स पिरेम करा।
35
जब तू पचे एक दूसरे स पिरेम करब्या, तबहीं सब जानि पइहीं कि तू सबेन्ह मोर चेलन अह्या।”
36
समौन पतरस ओसे पूछेस, “पर्भू, तू कहाँ जात अहा?” ईसू जवाब दिहेस, “जहाँ मइँ जात हउँ, अब तू मोरे पाछे नाहीं आइ सकत्या, मुला तू बाद मँ मोरे पाछे अउब्या।”
37
पतरस ओसे पूछेस, “पर्भू, मइँ तोहरे पाछे काहे बरे नाहीं आइ सकत? मइँ तउ तोहरे बरे आपन जान तक दइ देब!”
38
ईसू जवाब दिहेस, “तू मोरे लिए आपन जान देब्या? मइँ तोहसे सच्ची बात कहत अहउँ कि जब तलक तू तीन दाई इन्कार न कइ देब्या तब तक एक मुर्गा बाँग न देई।”
← Chapter 12
Chapter 14 →