bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
awadhi
/
Jeremiah 15
Jeremiah 15
awadhi
1
यहोवा मोहसे कहेस, “यिर्मयाह, जदि मूसा अउ समूएल भी यहूदा क लोगन बरे पराथना करइवाले होतेन, तउ भी मइँ एन लोगन बरे अफसोस नाहीं करत। यहूदा क लोगन क मोहसे दूर पठवा। ओनसे जाइ क कहा।
2
उ सबइ लोग तोहसे पूछ सकत हीं, ‘हम लोग कहाँ जाब?’ तू ओनसे कहा, यहोवा जउन कहत ह, उ इ अहइ: “‘मइँ कछू लोगन क मरइ बरे निहचित किहेउँ ह। उ सबइ लोग मरिहीं। मइँ कछू लोगन क तरवार क घाट उतारब निहचित किहेउँ ह, उ सबइ लोग तरवार क घाट उतारा जइहीं। मइँ कछू क भूख स मरइ क निहचित किहेउँ ह उ सबइ भूख स मरिहीं। मइँ कछू लोगन क बन्दी होब अउर बिदेस लइ जाब निहचित किहेउँ ह। उ सबइ लोग ओन बिदेसन मँ बन्दी रइहीं।
3
यहोवा कहत ह कि मइँ चार तरह क बिनासकारी सक्तितयन ओनके खिलाफ पठउब।’ इ सँदेसा यहोवा क अहइ। ‘मइँ दुस्मन क तरवार क संग मारइ बरे पठउब। मइँ कूकुरन क ओनकर ल्हास घसीट लइ जाइ क पठउब। मइँ हवा मँ उड़त पंछियन अउर जंगली जनावरन क ओनकर ल्हास खाइ अउर बर्बाद करइ क पठउब।
4
मइँ यहूदा क लोगन क अइसा दण्ड देब कि धरती क लोग एका देखिके काँप जइहीं। मइँ यहूदा क लोगन क संग इ, मनस्से यरूसलेम मँ जउन कछू किहेस, ओकरे कारण करब। मनस्से, राजा हिलकिय्याह क पूत रहा। मनस्से यहूदा रास्ट्र क एक राजा रहा।’
5
“यरूसलेम, तोहरे ऊपर कउनो दाया नाहीं करी। न कउनो विलाप करिहीं या नाहीं रोइहीं। कउन तोहार कुसल छेम अउर काम क बरे पूछइ तोहरे लगे नाहीं आइ।
6
यरूसलेम, तू मोका तज्या।” यहोवा कहत अहइ। “तू मोका बार-बार तज्या। एह बरे मइँ तोहका सजा दिहेस अउर तोहका बर्बाद किहेस। मइँ तोह पइ दाया करत थक गवा हउँ।
7
मइँ आपन सूप स यहूदा का लोगन क फटक देब। मइँ देस क नगर दुआर पइ ओनका बिखेर दिहेस। मइँ आपन लोगन क बर्बाद कइ लिहेस अउर बच्चन क लइ लिहेन फिर भी मोर लोगन बदलेस नाहीं।
8
अनेक मेहररूअन आपन भतारन क खोइ देइहीं। सगरे क बालू स जियादा हुवाँ राँड़ होइहीं। मइँ एक बिनासक क दुपहरी मँ लिआउब। बिनासक यहूदा क नउ जवानन क महतरियन पइ हमला करी। मइँ यहूदा क लोगन क पीरा अउ डर देब। मइँ एका घटित किहेस।
9
दुस्मन तरवारे स हमला किहेस अउर लोगन क मार डाइएस। उ पचे यहूदा बचे लोगन क मारि डइहीं। एक मेहरारू क सात ठु पूत होइ सकत हीं, किन्तु उ पचे सबहिं मारा गवा। उ रोवत, अउर रोवत रही, जब तलक उ साँस लेइ बरे भी बहोत दुर्बल होइ गएन उ लज्जा अउर बिना निहचित मँ होइ, ओकर उजले दिन दुःखे स करिया होइ गएन।”
10
हाय महतारी, तू मोका जन्म काहे दिहा? मइँ उ मनई हउँ जउन पूरे देस क दोखी कहइ अउर आलोचना करइ। मइँ न कछू उधार दिहे हउँ अउर न ही लिहे हउँ। किन्तु हर एक मनई मोका अभिसाप देत ह।
11
यहोवा कहेस मइँ तोहका अच्छी तरह तइयार किहेस ह। तोहर सुत्रन दुआरा लावइ गइ विपत्तियन क समइ मइँ तोहार बरे बीच मँ दखल दिहेस ह।
12
“तू जानत अहा कि कउनो मनई लोहा काँसा उत्तर वाले लोहे क सुत्रन क चकनाचूर नाहीं कइ सकत्या।
13
यहूदा क लोगन क लगे सम्पत्ति अउर खज़ानन अहइँ। मइँ उ सम्पत्ति क दूसर लोगन क देब। ओन दूसर लोगन क उ सम्पत्ति बेसहइ नाहीं पड़ी। मइँ ओनका उ सम्पत्ति देब। काहेकि यहूदा बहोत पाप किहेस ह। यहूदा देस क हर एक भाग मँ पाप किहेस ह।
14
यहूदा क लोगो, मइँ तोहका तोहरे दुस्मनन क दास बनाउब। तू उ देस मँ दास होब्या जेका तू कबहुँ नाहीं जान्या। मइँ बहोत कोहान हउँ। मोर किरोध तपत आगी जइसा अहइ अउर तू बारि दीन्ह जाब्या।”
15
हे यहोवा, तू मोका समुझत ह। मोका याद राखा अउर मोर देखरेख करा। लोग मोका चोट पहोंचावत हीं। ओन लोगन क उ सजा द्या जेकर उ पात्र अहइँ। तू ओन लोगन बरे सहनसील अहा। किन्तु ओनके बरे सहनसील रहत समइ मोका बर्बाद न कइ द्या। मोरे बारे मँ सोचा। यहोवा उ पीरा क सोच जउन मइँ तोहरे बरे सहन हउँ।
16
तोहार सँदेसा मोका मिला अउर मइँ मोका निगल गवा। तोहार सँदेसा मोका बहोत खुस कइ दिहस। मइँ खुस रहेउँ कि मोका तोहरे नाउँ स गोहरावा जात ह। तोहार नाउँ यहोवा सर्वसक्तिमान अहइ।
17
मइँ कबहुँ ओकरे साथ नाहीं बइठा जउन उत्सव मनावत अउ मज़ा करत ह। अपने उपर तोहरे प्रभाव क कारण मइँ अकेला बइठा। तू मोरे चारिहुँ कइँती बुराइयन पइ मोका किरोध स भर दिहा।
18
मइँ नाहीं समुझ पावत कि मइँ काहे अब तलक घायल हुउँ? मइँ नाहीं समुझ पावत कि मोर घाव नीक काहे नाहीं होत अउर भरत काहे नाहीं? हे यहोवा, मइँ समुझत हउँ कि तू बदल गवा अहा। तू सोता क उ पानी क तरह अहा जउन झुराइ गवा होइ। तू उ सोता क तरह अहा जेकर पानी झुराइ गवा होइ।
19
तबइ यहोवा कहेस, “जदि तू लउट आइ तउ मइँ तोहका आपन लगे वापिस लउटाउब। अउर तू मोरे लगे खड़ा होब्या। जदि तू महत्वपूर्ण बात कहत ह अउर उ बेकार बातन क नाहीं कहब्या, तउ तू मोरे बरे कहि सकत ह। यहूदा क लोगन क बदलइ चाही अउर तोहरे लगे ओनका आवइ चाही। किन्तु तू जिन बदला अउर ओनकी तरह न बना।
20
मइँ तोहका सक्तिसाली बनाउब। उ सबइ लोग सोचिहीं कि तू काँसे क बनी देवार जइसी सक्तिसाली अहा यहूदा क लोग तोहरे खिलाफ लड़िहीं, किन्तु उ पचे तोहका हरइहीं नाहीं। काहेकि मइँ तोहरे साथ हउँ। मइँ तोहार सहायता करब, तोहार उद्धार करब।” इ सँदेसा यहोवा क अहइ।
21
“मइँ तोहार उद्धार ओन बुरे लोगन स करब। उ सबइ लोग तोहका डेरावत हीं। किन्तु मइँ तोहका ओन लोगन स बचाउब।”
← Chapter 14
Chapter 16 →