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Ezekiel 11
Ezekiel 11
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1
तब आतिमा मोका यहोवा क मन्दिर क पूर्बी दुआर पइ लइ गवा जहाँ सूरज निकरत ह। मइँ इ फाटक क प्रवेस दुआर पइ पच्चीस मनई लखेउँ। अज्जूर क पूत याजन्याह ओन लोगन्क संग रहा अउर बनायाह क पूत पलत्याह हुआँ रहा। उ पचे लोगन क प्रमुख रहेन।
2
तब परमेस्सर मोहसे कहेस। उ बताएस, “मनई क पूत, इ सबइ उ सबइ मनई अहइँ जउन इ नगर मँ बुरी योजना बनावत हीं। इ सबइ हमेसा लोगन क बुरे काम करइ क कहत हीं।
3
उ सबइ लोग कहत हीं, ‘हम लोग हाली ही फुन स आपन मकान नाहीं बनाउब। हम लोग बर्तन मँ धरे माँस क तरह इ नगर मँ सुरच्छित अही।’
4
उ पचे इ झूठ फइलावत अहइँ। एह बरे तोहका मोरे बरे लोगन स बात करइ चाही। मनई क पूत! जा अउर लोगन क बीच भविस्सवाणी करा।”
5
तब यहोवा क आतिमा मोहमाँ आइ। उ मोहसे कहेस, “ओनसे कहा कि यहोवा इ सब कहेस ह: इस्राएल क परिवार, तू पचे बड़की योजना बनावत अहा। किन्तु मइँ जानत हउँ कि तू पचे का सोचत अहा।
6
तू पचे इ नगर मँ बहोत स लोगन क मारि डाया ह। तू पचे सड़कियन क ल्हासन स पाटि दिहा ह।
7
अब हमार सुआमी यहोवा, इ कहत ह, ‘उ सबइ ल्हास माँस अहइँ अउर इ नगर पात्र अहइ। किन्तु नबूकदनेस्सर आइ अउर तू पचन्क इ सुरच्छित पात्र स निकारि लइ जाइ।
8
तू पचे तरवारे स भयभीत अहा। किन्तु मइँ तू पचन्क खिलाफ तरवार लिआवत हउँ।’” हमार सुआमी यहोवा इ सब कहेस ह। एह बरे इ सबइ घटित होइहीं।
9
परमेस्सर इ भी कहेस, “मइँ तू लोगन क इ नगर स बाहेर लइ जाब अउर मइँ तू पचन्क अजनबियन क सौंप देब। मइँ तू लोगन क सजा देब।
10
तू पचे तरवारे क चाट उतरब्या। मइँ तू पचन्क हिआँ इस्राएल मँ सजा देब जेहसे तू पचे समुझब्या कि उ मइँ हउँ जउन तू पचन्क सजा देत हउँ। मइँ यहोवा हउँ।
11
इ जगह बासन नाहीं होब्या, अउर नाहीं इ मँ तू मांस होब्या। मइँ तू पचन्क हिआँ इस्राएल मँ सजा देब।
12
तब तू पचे जनब्या कि मइँ यहोवा हउँ। उ मोर नेम रहा जेका तू पचे तोड़्या ह। तू पचे मोरे आदेसन क पालन नाहीं किहा। तू पचे आपन चारिहुँ कइँती क रास्ट्रन क तरह रहइ क निर्णय किहा।”
13
जइसेन ही मइँ परमेस्सर कइँती बोलब खतम किहेउँ, बनायाह क पूत पलत्याह मरि गवा। मइँ धरती पइ भहराइ पड़ेउँ। मइँ धरती पइ माथा टेकेउँ अउर कहेउँ, “हे मोर सुआमी यहोवा, तू का इस्राएल क सबहिं बचे भएन क पूरी तरह नस्ट कहइ पइ तुला अहा।”
14
मुला तब यहोवा क वचन मोका मिला। उ कहेस,
15
“हे मनई क पूत, तोहार रिस्तेदार अर्थात इस्राएल क पूरा घर जउन कि तोहार संग जलावतन मँ ह। तोहार भाइयन अहइ। यरूसलेम मँ रहइवाले लोग ओन लोगन स कहेन, ‘यहोवा क पास से दूर होइ जा। इ भुइयाँ वरासत क रूप मँ हमका दीन्ह गइ अहइ।’
16
“एह बरे ओन लोगन स इ सब कहा: हमार सुआमी यहोवा, कहत ह, ‘इ फुरइ अहइ कि मइँ आपन लोगन क बहोत दूर क देसन मँ जाइ बरे मजबूर किहेउँ। मइँ ही ओनका बहोत स देसन मँ बिखेरेउँ अउर उ भुइँया मँ जहाँ उ पचे गएन ह ओनकरे बरे थोड़े समइ बरे पवित्तर मन्दिर ठहरब।
17
एह बरे तू पचन्क ओन लोगन स कहइ चाही कि ओनकर सुआमी यहोवा, ओनका वापस लिआइ। मइँ तू पचन्क, बहोत स देसन मँ बिखेर दिहेउँ ह। किन्तु मइँ तू लोगन क एक संग बटोरब अउर ओन रास्ट्रन स तू पचन्क वापस लिआउब। मइँ इस्राएल क पहँटा तू पचन्क वापस देब।
18
अउर जब हमार लोग लौटिहीं तउ उ पचे ओन सबहिं भयंकर गन्दी देवमूरतियन क, जउन अब हिआँ अहइ, नस्ट कइ देइहीं।
19
मइँ ओनका एक संग लिआउब अउर ओनका एक ठु मनई सा बनाउब। मइँ ओनमा नई आतिमा भरब। मइँ ओनकर पाथर क हिरदय क दूर करब अउर आनके जगह पइ सच्चा हिरदय देब।
20
तब उ पचे मोरे नेमन क पालन करिहीं। उ पचे मोरे आदेसन क पालन करिहीं, उ पचे उ कारज करिहीं जेनका मइँ करइ क कहब। उ पचे फुरइ मोर लोग होइहीं अउर मइँ ओनकर परमेस्सर होबउँ।’”
21
तब परमेस्सर कहेस, “किन्तु इ समइ ओनकर हिरदय भयंकर गन्दी देवमूरतियन क होइ चुका अहइ। मोका ओन लोगन क ओन बुरे करमन बरे सजा देइ चाही जउन उ पचे किहेन ह।” मोर सुआमी यहोवा इ कहेस ह।
22
तब करूब सरगदूत आपन पखनन क खोलेस अउर हवा मँ उड़ गएन। चक्र ओनके संग गएन। इस्राएल क परमेस्सर क तेज ओनके ऊपर रहा।
23
यहोवा क तेज ऊपर हवा मँ उठा अउर उ यरूसलेम क तजि दिहस। उ छिन भर क बरे यरूसलेम क पूरब पहाड़ी पइ ठहरा।
24
तब आतिमा मोका हवा मँ उठाएस अउर वापस बाबुल मँ पहोंचाइ दिहस। उ मोका ओन लोगन क लगे लौटाएस, जउन इस्राएल तजइ बरे मजबूर कीन्ह ग रहेन। तब परमेस्सर क आतिमा मोका हवा मँ उठाएस अउर मोका तजि दिहेस। मइँ ओन सबहिं चीजन क परमेस्सर क दर्सन मँ लखेउँ।
25
तब मइँ निर्वासित लोगन स बातन किहेउँ। मइँ उ सबइ बातन बनाएउँ जउन यहोवा मोका देखाए रहा।
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