bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
awadhi
/
Exodus 31
Exodus 31
awadhi
1
तबहिं यहोवा मूसा स कहेस,
2
“मइँ यहूदा क परिवार समूह स ऊर क बेटवा बसलेल क चुनेउँ ह। उरि हुर क बेटवा रहा।
3
मइँ बसलेल क परमेस्सर क आतिमा स भरि दिहस ह। मइँ ओका हर दस्तकारी क काम मँ माहिर बनावत हउँ अउ गियान देत हउँ।
4
बसलेल एक बहोत बढ़िया सिल्पकार बा अउ उ सोना, चाँदी अउ काँसा क चीज बनइ सकत ह।
5
बसलेल सुन्नर रतन क काटि अउर जड़ सकत ह। उ लकड़ी क भी काम कइ सकत ह। बसलेल हर किसिम क काम कइ सकत ह।
6
मइँ ओहोलीआब क भी ओकरे संग काम करइ क चुनेउँ ह। ओहोलीआब दन कबीले क आहोसामाक क बेटवा अहइ। मइँ दूसर मजूरन क माहिर बनाएउँ ह ताकि उ पचे उ सबहिं चीजन्क बनइ सकिहीं जेका मइँ तोहका करइ क हुकुम दिहेउँ ह।
7
बइठकावाला तम्बू, करार क संदूख, संदूखे क ढकना।
8
मेज अउर ओह पइ सारी चीजन निखालिस सोना क डीबट अउर एकर सबहिं बर्तन, धूप बारइ क वेदी।
9
भेटे क जरावइ बरे वेदी अउ वेदी प बइपरइ क चीज, कटोरा अउ एकर नीचे क चीज।
10
याजक हारून क खास वस्तर अउ ओकरे बेटवन बरे खास वस्तर, जबहिं उ पचे याजक क नाई सेवा करत पहिरहीं।
11
अभिसेक क महकउआ तेल, अउर पवित्तर ठउर बरे महकत धूप। इ कारीगरन्क इ सब चीजन्क वइसी बनवइ चाही जइसा मइँ तोहका हुकुम-दिहेउँ ह।”
12
तबहिं यहोवा मूसा स कहेस,
13
“इस्राएल क लोगन स इ कहा: ‘तू पचे मोरे खास अरामे क दिन बरे नेम क मानाई चाही। तू पचन्क इ जरूर करइ क चाही, काहेकि इ सब मोरे अउ तोहरे बीच सबहिं पीढ़ी बरे चीन्हा क रूप मँ रइहीं। एहसे तोहका पता लागी कि मइँ, यहोवा तोहका आपन खास मनई बनए अही।
14
“‘सबित क दिन क खास दिन बनावा। यदि कउनो एका दुसित करत ह तउ उ व्यक्ति क जरूर मार डावइ चाही। अगर कउनो सबित क दिन काम करत ह, तउ उ व्यक्ति क आपन लोगन मँ स जरूर अलग कइ दीन्ह जाइ।
15
हफ्ता मँ दूसर छ: दिन काम करइ बरे अहइँ। एकर मतलब खास दिन अराम करइ बरे अउर यहोवा क मान देइ बरे अहइ। अगर कउनो सबित क दिन काम करी उ जरूर ही मार दीन्ह जाइ।
16
इस्राएल क लोगन सबित क दिना क खास दिन क रूप मँ जरूर याद रखिइ चाही। उ एका हमेसा हमेसा मनावत रइहीं। इ मोरे अउ ओनके बीच करार अहइ जउन सदा बना रही।
17
सबित क दिन मोरे अउ इस्राएल क बीच सदा चीन्हा क रूप मँ बना रही।’” (यहोवा छ: दिन काम किहेस अउ अकास अउ धरती क बनएस अउ सतएँ दिन उ आपन क अराम दिहेस अउ सुस्तान।)
18
जउने समइ परमेस्सर मूसा स सीनै पहाड़े प बात करब बंद किहस, उ ओका करार लिखित भवा दुइ समथर पाथर दिहस। परमेस्सर आपन अंगुरियन क काम मँ लगाएस अउ पथरे प लिखेस।
← Chapter 30
Chapter 32 →