bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
awadhi
/
2 Samuel 14
2 Samuel 14
awadhi
1
सरूयाह क पूत योआब जानत रहा कि राजा दाऊद अबसालोम क बारे मँ सोचत अहइ अउर ओका देखइ क लालसा अही।
2
एह बरे योआब तकोआ क एक दूत हुवाँ स एक ठु बुद्धिमती मेहरारू क लिआवइ क बरे पठएस। योआब इ बुद्धिमती मेहरारू स कहेस, “कृपा कइके बहोत जियादा सोकग्रस्त होइ क देखॉवा करा। सोक-वस्त्र पहिर ल्या, आपन चाम अउ बार मँ तेलन जिन लगावा। अइसी मेहरारू क जइसा बेउहार करा जउन कउनो मरे भए क बरे कइउ दिनन स रोवत ह।
3
राजा क लगे जा अउर जउन मइँ कहत हउँ, इनही सब्दन क उपयोग करत भए ओनसे बातन करा।” तब योआब उ बुद्धिमती मेहरारू क का कहब अहइ, इ बताइ दिहस।
4
तब ताकोआ क उ मेहरारू राजा स बातन किहस। उ फर्स पइ भहराइ पड़ी ओकर ललाट फर्स पइ जाइ टिका। उ निहुरी अउ बोली, “राजा, मोका मदद द्या।”
5
राजा दाऊद ओहसे कहेस, “तोहार समस्या का अहइ?” उ मेहरारू कहेस, “मइँ राँड़ हउँ। मोर भतार मर चुका अहइ।
6
मोरे दुइ ठु पूत रहेन। इ सब दुइनउँ बाहेर मैदानन मँ लड़ेन। ओनका कउनो रोकइवाला न रहा। एक पूत दूसर पूत क मार डाएस।
7
सारा परिवार अब मोरे खिलाफ अहइ। उ पचे मोहसे कहत रहेन, ‘उ पूत क लिआवा जउन अपने भाई क मार डाएस। तब हम ओका मार डाउब, काहेकि उ आपन भाई क मार डाएस।’ मोर पूत आगी क आखिरी चिनगारी क तरह अहइ, काहेकि उ ही सिरिफ उ ही एक पूत जिअत रही जउन ओकर पिता क सम्पत्ति क उत्तराधिकारी होइ। अगर उ ओका मार डाइ तउ उ आग जल उठब अउर खतम होइ जाब अउर उ सम्पत्ति दूसर क पास चली जाइ अउर तब मोर मरे भतार क नाउँ इ धरती स मिट जाइ।”
8
तब राजा मेहरारू स कहेस, “घरे जा। मइँ खुद तोहार मामला निपटाउब।”
9
तकोआ क मेहरारू राजा स कहेस, “हे राजा मोर सुआमी, दोख मोह पइ आवइ द्या। किन्तु आप अउर आप क राज्ज निदोर्ख अहइ।”
10
राजा दाऊद कहेस, “उ मनई क लिआवा जउन तोहका बुरा-भला कहत ह। तब उ मनई तोहका फुन परेसान न करी।”
11
मेहरारू कहेस, “कृपा कइके आपन यहोवा परमेस्सर क नाउँ पइ किरिया लेइँ कि आप एन लोगन क रोकिहीं। तब उ पचे मोर पूत क हत्या क बदले मँ नाहीं मारिहीं।” दाऊद कहेस, “यहोवा क जिन्नगी क किरिया, तोहरे पूत क कउनो मनई चोट नाहीं पहोंचाइ। तोहरे पूत क एक ठु बार भी धरती पई नाहीं गिरी।”
12
उ मेहरारू स कहेस, “मोर सुआमी, राजा कृपा कइके मोका आप स कछू कहइ क मौका द्या” राजा कहेस, “कहा।”
13
तब उ मेहरारू कहेस, “परमेस्सर क लोगन क खिलाफ इ जोजना काहे बनाया ह? हाँ, जब आप इ कहत हीं आप इ परगट करत हीं कि आप अपराधी अहइँ। काहे? काहेकि आप अपने पूत क वापस नाहीं लाएन ह जेका आप अपने घर तजइ क मजबूर किहे रहेन।
14
इ सही अहइ कि हम सबहिं कउनो दिन मरब। हम लोग उ पानी क तरह होब, जउन भुइँया पइ फेंका गवा ह। कउनो भी मनई भुइँया स उ पानी क एकट्ठा नाहीं कइ सकत। किन्तु परमेस्सर माफ करत ह। ओकरे लगे ओन लोगन बरे एक ठु जोजना अहइ जउन अपने घर तजइ क मजबूत कीन्ह गएन ह, उ ओनका वापिस करइ चाहत ह।
15
मोर प्रभु, राजा मइँ इ बात कहइ मइँ आप क लगे आइ। काहे? काहेकि लोग मोका ससाइ दिहन। मइँ अपने मने मँ कहेउँ कि, ‘मइँ राजा स बात करब। होइ सकत ह राजा मोर सुनइँ।
16
राजा मोर सुनिहीं, अउर मोर रच्छा उ मनई स करिहीं जउन मोका अउर मोरे पूत दुइनउँ क मारइ चाहत हीं अउर ओन चिजियन क प्राप्त करइ स रोकइ चाहत हीं जेनका परमेस्सर हम क दिहेस ह।’
17
मइँ जानत हउँ कि मोर राजा, मोरे सुआमी क सब्द मोका सान्ति देइहीं काहेकि आप परमेस्सर क दूत क समान अहइँ। आप समुझ ह कि का अच्छा का बुरा अहइ। यहोवा आप क परमेस्सर, आप क संग अहइ।”
18
राजा दाऊद उ मेहरारू क जवाब दिहस, “तोहका उ सवाल क उत्तर देइ चाही, जेका मइँ तोहसे पूछउँ मोसे कछू जिन छुपाया।” उ मेहरारू कहेस, “हे मोर प्रभू, मोर राजा, कृपा कइके आपन सवाल पूछइँ।”
19
राजा कहेस, “का योआब इ सबइ सारी बातन तोहसे कहइ क कहेस ह?” उ मेहरारू जवाब दिहेस, “मोर पर्भू राजा, आप क जिन्नगी क किरिया, आप सही अहइँ। आप क सेवक योआब इ सबइ बातन कहइ बरे कहेस।
20
योआब इ एह बरे किहेस जेहसे आप तथ्यन क दूसर निगाह स लखिहीं। मोर पर्भू आप परमेस्सर क दूत क नाई बुद्धिमान अहइँ। आप सब कछू जानत हीं जउन भूइँया पइ होत ह।”
21
राजा योआब स कहेस, “लखा, मइँ इ करब। आप कृपा कइके जा अउ नउजुवक मनई अबसालोम क वापस लिआवा।”
22
योआब भुइँया आपन माथा निहुराएस। उ राजा दाऊद बरे आभार परगट किहस अउर कहेस, “आजु मइँ समुझत हउँ कि आप मोसे खुस अहइ, काहेकि आप उहइ किहन जउन मोर माँग रही।”
23
तब योआब उठा अउर गसूर गवा अउ अबसालोम क यरूसलेम लिआवा।
24
किन्तु राजा दाऊद कहेस, “अबसालोम अपने घरे क लउट सकत ह।” उ मोहसे भेंटइ नाहीं आइ सकत। एह बरे अबसालोम अपने घरे क लउट गवा। अबसालोम राजा स भेंटइ नाहीं जाइ सका।
25
अबसालोम क जियादा स जियादा तारीफ ओकरे सुन्नर रूप क बरे रही। इस्राएल मँ कउनो मनई एतना सुन्नर नाहीं रहा जेतना अबसालोम। अबसालोम क मूँड़े स गोड़े तलक कउनो दोख नाहीं रहा।
26
हर एक बरिस क आखिर मँ अबसालोम अपने मूँड़े क बार काटत रहा अउर ओका तउलत रहा। बारन क तौल लगभग पाँच पौण्ड रहीं।
27
अबसालोम क तीन पूत रहेन अउ एक ठु बिटिया। उ बिटिया क नाउँ तामार रहा। तामार एक ठु सुन्नर मेहरारू रही।
28
अबसालोम पूरे दुइ बरिस तलक राजा दाऊद स भेंटइ क इजाजत बिना यरूसलेम मँ रहा।
29
अबसालोम योआब क लगे इ कहइ बरे पठाएस कि मोर तरफ स राजा क लगे जाइ। किन्तु योआब अबसालोम स मिलइ नाहीं गवा। अबसालोम दूसरी दाई सँदेसा पठएस। किन्तु योआब फुन भी आउब इन्कार किहस।
30
तब अबसालोम अपने सेवकन स कहेस, “लखा, योआब क खेत मोरे खेते स लगा बाटइ। ओकरे खेते मँ जौ क फसल अहइ। जा अउर जौ क बार द्या।” एह बरे अबसालोम क सेवक गएन अउर योआब क खेते मँ आगी लगाउब सुरू किहेन।
31
योआब उठा अउर अबसालोम क घरे गवा। योआब अबसालोम स कहेस, “तोहार सेवकन मोर खेत काहे बारेन।”
32
अबसालोम योआब स कहेस, “मइँ तोहका सँदेसा पठएँउ। मइँ तोहसे हिआँ आवइ क कहेउँ। मइँ तोहका राजा क लगे पठवइ चाहत रहेउँ। मइँ ओहसे पूछइ चाहत रहेउँ कि उ गसूर स मोका घरे काहे बोलाएस। मइँ ओहसे मिल नाहीं सकत, एह बरे गसूर मँ रहब कहूँ जियादा नीक रहा। अब मोका राजा स भेंटइ द्या। जदि मइँ पाप किहेउँ ह तउ उ मोका मार सकत ह।”
33
तब योआब राजा क लगे आवा अउ अबसालोम क कहा भवा सुनाया। राजा अबसालोम क बोलाएस। तब अबसालोम राजा क लगे आवा। अबसालोम राजा क समन्वा भुइँया पइ माथा टेकिके प्रणाम किहेस, अउर राजा अबसालोम क चुम्बन किहस।
← Chapter 13
Chapter 15 →