bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
awadhi
/
1 Chronicles 16
1 Chronicles 16
awadhi
1
लेवीबंसी करार क सन्दूख लइ आएन। अउर ओका उ तम्बू मँ धरेन जेका दाऊद एकरे बरे खड़ी कइ रखे रहा। तब उ पचे परमेस्सर क होमबलि अउ मेलबलि चढ़ाएन।
2
जब दाऊद होमबलि अउ मेलबलि देब पूरा कइ चुका तउ उ लोगन क आसीर्बाद देइ क बरे यहोवा क नाउँ लिहस।
3
तब उ हर एक इस्राएली मेहरारु-मनई क एक-एक रोटी, खजूर अउ किसमिस दिहस।
4
तब दाऊद करार क सन्दूख क समन्वा सेवा बरे कछू लेवीबंसियन क चुनेस। ओन लेवीबंसियन क इस्राएलियन क यहोवा परमेस्सर बरे उत्सव क मनावइ, आभार परगट करइ अउ स्तुति करइ क जिम्मेदारी सौंपा गवा।
5
आसाप, पहिले समूह क प्रमुख रहा। आसाप क समूह सारंगी बजावत रहा। जकर्याह दूसरे समूह क प्रमुख रहा। इ सबइ दूसर लेवीबंसियन रहेन: यीएल, समीरामोत, यहीएल, मत्तित्याह, एलीआब, बनायाह, ओबेद-एदोम अउ यीएल। इ सबइ मनई वीणा अउ तम्बूरा बजावत रहेन
6
बनायाह अउर यहजीएल अइसे याजक रहेन जउन करार क सन्दूख क समन्वा सदा ही तुरही बजावत रहेन।
7
इ उहइ समइ रहा जब दाऊद पहिली बार आसाप अउर ओकरे भाइयन क यहोवा क स्तुति करइ क काम किहस।
8
यहोवा क स्तुति करा, ओकर नाउँ ल्या। लोगन क ओन महान कार्यन क जानकारी द्या जेनका यहोवा किहेस ह।
9
यहोवा क गीत गावा, यहोवा क स्तुतियाँ गवा। ओकर सबहिं महान कार्यन क गुणगान करा।
10
यहोवा क पवित्तर नाउँ पइ गर्व करा। सबहिं लोग जउन यहोवा क मदद पइ भरोसा करत हीं, खुस ह्वा।
11
यहोवा अउर ओकरी सक्ती क खोज करा। सदा ही मदद बरे ओकरे लगे जा।
12
ओन अजूबे कार्यन क याद करा जउन यहोवा किहेन ह। ओकरे निर्णयन क याद राखा अउर सक्ती स भरपूर कार्यन क जउन उ किहेस।
13
इस्राएल क सन्तानन यहोवा क सेवक अहइँ। याकूब क पूतन यहोवा क जरिये चुने गए लोग अहइँ।
14
यहोवा हमार परमेस्सर अहइ, ओकर नेमन सबहिं जगह अहइ।
15
ओकरी करार क सदा ही याद राखा, उ अपने आदेसन हजार पीढ़ियन बरे दिहेस ह।
16
इ करार अहइ जेका यहोवा इब्राहीम क संग किहे रहा। इ करार अहइ जउन यहोवा इसहाक क संग किहेस।
17
यहोवा एका याकूब क लोगन क बरे कानून बनाएस। इ करार इस्राएल क संग अहइ जउन सदा ही बनी रही।
18
यहोवा इस्राएल स कहे रहा: “मइँ कनान देस तोहका देब इ प्रतिग्या क पहँटा तोहार ही होइ।”
19
परमेस्सर क लोग गनती मँ थोड़े रहेन। उ पचे उ देस मँ अजनबी रहेन।
20
उ पचे एक रास्ट्र स दूसर रास्ट्र क गएन। उ पचे एक राज्ज स दूसर क गएन।
21
मुला यहोवा कउनो क ओनका चोट पहोंचवइ न दिहस। यहोवा राजा लोगन क चितउनी दिहस कि उ पचे ओनका चोट न पहोंचावइँ।
22
यहोवा ओन राजा लोगन स कहेस, “मोर चुने लोगन क चोट न पहोंचावा। मोरे नबियन क चोट न पहोंचावा।”
23
यहोवा बरे सारी धरती पइ गुनगान करा, हर रोज तू पचन्क यहोवा क जरिये हमार रच्छा क सुभ समाचार परगट करइ चाही।
24
यहोवा क प्रताप क सबहिं रास्ट्रन स कहा यहोवा क अजूबे कार्यन क सबहिं लोगन स कहा।
25
यहोवा महान अहइ, यहोवा क स्तुति होइ चाही यहोवा दूसर “देवतन” स अधिक भए जोग्ग अहइ।
26
काहेकि ओन रास्ट्रन सबहिं “देवता” मात्र मूरतियन अहइँ। मुला यहोवा आकासे क बनाएस।
27
यहोवा महिमा अउ सम्मान रखत अहइ। ताकत अउर आनन्द ओकर जगह मँ मोजूद अहइ।
28
परिवार अउ लोग यहोवा क महिमा अउ सक्ती क स्तुति करत हीं।
29
यहोवा क प्रताप क स्तुति करा। ओकरे नाउँ क सम्मान द्या। यहोवा क अपनी भेंटन चढ़ावा, यहोवा अउ ओकर पवित्तर सुन्दरता क उपासना करा।
30
यहोवा क समन्वा भय स सारी धरती काँपइ चाही। किन्तु उ धरती क मजबूत बनाएस। एह बरे धरती हिली नाहीं।
31
धरती अउ आकासे क आनन्द मँ झूमइ द्या। चारिहुँ कइँती लोगन क कहइ द्या, “यहोवा सासन करत ह।”
32
सागर अउ एहमाँ क सबहिं चिचियन क चिचयाइ द्या। खेतन अउ ओनमाँ क हर एक चीज क आपन आनन्द परगट करइ द्या।
33
यहोवा क समन्वा बन क बृच्छ आनन्द स गइहीं। काहेकि यहोवा आवत अहइ। उ संसार क निआव करइ आवत बाटइ।
34
अहा! यहोवा क धन्य द्या, उ अच्छा अहइ। यहोवा क पिरेम सदा बना रहत ह।
35
यहोवा स कहा, “हे परमेस्सर, हमरे रच्छक, हमार रच्छा करा। हम लोगन क एक संग बटोरा, अउर हमका द्सर रास्ट्रन स बचावा। अउर तब हम तोहरे पवित्तर नाउँ क स्तुति कइ सकित ह। तब हम तोहरे स्तुति अपने गीतन स कइ सकित ह।”
36
इस्राएल क यहोवा परमेस्सर क सदा स्तुति होत रहइ जइसे कि सदा ही ओकर बड़कई होत रहत ह। सबहिं लोगन कहेन, “आमीन!” उ पचे यहोवा क स्तुति कहेन।
37
तब दाऊद आसाप अउ ओकरे भाइयन क हुवाँ यहोवा क करार क सन्दूख क समन्वा छोड़ेस। दाऊद ओनका ओकरे समन्वा हर रोज सेवा करइ बरे छोड़ेस।
38
दाऊद आसाप अउर ओकरे भाइयन क संग सेवा करइ बरे ओबेद-एदोम अउर दूसर अड़सठ लेबीबंसियन क छोड़ेस। ओबेद-एदोम अउर होसा रच्छक रहेन। ओबेद-एदोम यदूतून क पूत रहा।
39
दाऊद याजक सादोक अउ दूसर याजकन क जउन गिबोन मँ ऊँची जगह पइ यहोवा क तम्बू क समन्वा ओकरे संग सेवा करत रहेन ओकर संग छड़ेस।
40
हर भिंसारे अउ साँझ सादोद अउ दूसर याजक होमबलि क वेदी पइ होमबलि चढ़ावत रहेन। उ पचे इ यहोवा व्यवस्था मँ लिखे गए ओन नेमन क पालन करइ बरे करत रहेन जेनका यहोवा इस्राएल क दिहे रहा।
41
हेमान अउ यदूतून अउ सबहिं दूसर लेवीबंसियन यहोवा क स्तुतिगान करइ बरे नाउँ लइके चुने गए रहेन, काहेकि “ओकर पिरेम सदा ही बना रहत ह।”
42
हेमान अउ यदूतून ओनके संग रहेन। ओनकर काम तुरही अउ मँजीरा बजाउब रहा। उ पचे दूसर संगीत बाजा बजावइ क काम भी करत रहेन, जब परमेस्सर क स्तुति क गीत गाए जात रहेन। यदूतून क पूतन दुआरन क रच्छा करत रहा।
43
उत्सव मनावइ क पाछे, सबहिं लोग चले गएन। हर एक मनई अपने-अपने घर चला गवा अउर दाऊद भी अपने परिवार क आसीर्बाद देइ बरे घर गवा।
← Chapter 15
Chapter 17 →